Ashadhi Ekadashi 2024: शिरडी में साईं बाबा को 11 किलो के चांदी के राजदंड

Ashadhi Ekadashi 2024 के अवसर पर महाराष्ट्र के पंढरपुर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। इस महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व को मनाने के लिए देशभर से हजारों श्रद्धालु पंढरपुर में एकत्र हुए हैं, जिससे यहाँ के वातावरण में भक्ति और श्रद्धा का अद्वितीय समागम देखने को मिल रहा है। वहीं, शिरडी में भी आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर भक्तों के लिए विशेष आयोजन किए गए हैं।

शिरडी में साईं बाबा मंदिर में आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर भक्तों के लिए प्रसाद के रूप में 7 क्विंटल साबूदाने की खिचड़ी बनाई गई है। यह विशेष प्रसाद भक्तों के बीच बहुत ही लोकप्रिय है और इसे पाकर वे धन्य महसूस करते हैं। इस अवसर पर साईं बाबा को विठ्ठल मानने वाले भक्त भी बड़ी संख्या में शिरडी में दर्शन के लिए उमड़ पड़े हैं। मंदिर परिसर में भक्ति और आस्था का अद्वितीय माहौल बना हुआ है।

यहां हमारे व्हाट्सएप चैनल से जुड़ें

Ashadhi Ekadashi 2024: आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर कर्नाटक के दानदाता साईं भक्त एस. प्रकाश के दान से मंदिर और आसपास के क्षेत्र को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। इस अद्वितीय सजावट ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया है और वे इसे देखकर बेहद प्रसन्न हैं। इसके साथ ही, एक साईं भक्त परिवार ने शिरडी साईं बाबा संस्थान को 11 किलो के दो चांदी के राजदंड दान किए हैं, जिनकी कीमत करीब 9 लाख 50 हजार रुपये है। इस अद्वितीय दान से साईं बाबा की महिमा और भी बढ़ गई है और भक्तगण इसे बड़े गर्व और श्रद्धा से देख रहे हैं।

इसके अलावा, एक अन्य साईं भक्त परिवार ने भी दो चांदी के राजदंड दान दिए हैं। इससे पहले भी एक साईं भक्त परिवार ने साईं बाबा संस्थान को दो चांदी के राजदंड दान किए थे। यह दान साईं बाबा के प्रति उनकी असीम भक्ति और श्रद्धा को दर्शाता है।

यहां हमारे ट्विटर से जुड़ें

Ashadhi Ekadashi 2024: साईं बाबा संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरक्ष गाडिलकर ने बताया कि इस प्रकार के दान और भक्ति के कारण साईं बाबा की महिमा दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है और श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने सभी भक्तों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके योगदान से मंदिर का विकास और साईं बाबा की सेवा निरंतर जारी रहेगी।

आषाढ़ी एकादशी के इस पावन अवसर पर शिरडी और पंढरपुर दोनों ही स्थलों पर भक्ति और श्रद्धा का अद्वितीय संगम देखने को मिल रहा है। भक्तों के इस भक्ति भरे माहौल ने सभी को एकजुट किया है और धार्मिक आस्था को और भी मजबूती प्रदान की है।

और पढ़ें

Scroll to Top