Jahazpur News: राजनीतिक आरोपों पर निलंबित, प्रधान सीता देवी गुर्जर की पुनः बहाली की मांग पर विरोध प्रदर्शन

Jahazpur News: पंचायत समिति प्रधान सीता देवी गुर्जर को राजनीतिक द्वेषता पूर्वक मिथ्या आरोपों के आधार पर निलंबन के विरोध और पुनः बहाली की मांग को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, देवसेना, युवा कांग्रेस हुरडा, और अंबेडकर सामाजिक एकता मंच के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने एकत्रित होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन उपखंड कार्यालय के सामने आयोजित किया गया, जहां उन्होंने राज्यपाल के नाम तहसीलदार भंवरलाल सेन को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में यह स्पष्ट किया गया कि 5 जुलाई को राजस्थान सरकार द्वारा पंचायत समिति जहाजपुर की प्रधान सीता देवी गुर्जर को राजनीतिक दृष्टि से प्रेरित मिथ्या आरोपों के आधार पर असंवैधानिक तरीके से निलंबित किया गया था।

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ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि इस निलंबन के माध्यम से जनता द्वारा किए गए मताधिकार का दुरुपयोग कर लोकतंत्र की हत्या की गई है। ज्ञापन के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल से न्याय की मांग की और मुख्यमंत्री और भाजपा नेताओं द्वारा किए गए इस गैरकानूनी और वैधानिक रूप से गलत निलंबन की निंदा की।

Jahazpur News: विरोध प्रदर्शन के दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शंभू लाल गुर्जर ने कहा, “यह निलंबन लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ है। सीता देवी गुर्जर को तुरंत पुनः बहाल किया जाना चाहिए ताकि जनता के मताधिकार और निर्वाचित प्रधान के हितों की रक्षा हो सके।” यूथ कांग्रेस विधानसभा के दिनेश गुर्जर ने भी अपने विचार प्रकट करते हुए कहा, “हम सभी कांग्रेस जन इस निलंबन के खिलाफ एकजुट हैं और हम राज्यपाल से अपील करते हैं कि वे इस अन्याय को समाप्त करें।”

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Jahazpur News: प्रधान प्रतिनिधि उदयलाल खटीक ने इस निलंबन को राजनीतिक साजिश करार दिया और कहा कि यह कार्रवाई जनता के हितों के खिलाफ है। पार्षद गणेश लाल मेहता ने भी विरोध प्रदर्शन के दौरान अपनी बात रखते हुए कहा कि इस प्रकार की निलंबन कार्रवाई से जनता में आक्रोश है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। पंचायत समिति सदस्य शंभू लाल गुर्जर, दाऊद शेख, और नारायण लाल हदवा ने भी इस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और अपने विचार प्रकट किए।

Jahazpur News: ज्ञापन में प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल से यह अपील की कि प्रधान सीता देवी गुर्जर को पुनः बहाल किया जाए ताकि जनता के मताधिकार की रक्षा हो सके और लोकतंत्र की गरिमा बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस निलंबन को वापस नहीं लिया गया तो वे आगे भी विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे और न्याय की मांग करेंगे।

यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और प्रदर्शनकारियों ने अपने विचार शांति और संयम के साथ प्रस्तुत किए। प्रदर्शन के अंत में तहसीलदार भंवरलाल सेन ने ज्ञापन स्वीकार किया और कहा कि वे इसे राज्यपाल तक पहुंचाएंगे।

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