धार जिले के नालछा क्षेत्र में रविवार की शाम अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवा के साथ हुई भारी बारिश ने कई घरों को तहस-नहस कर दिया है। टिन की छतें उड़ गईं और लगभग 1 घंटे तक लगातार तेज हवाएं चलती रहीं, जिसके कारण नालछा क्षेत्र में कई पेड़ सड़कों पर गिर गए। इस घटना से क्षेत्र के निवासियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा।
बारिश के साथ आई तेज हवाओं ने ग्राम सोडपुर के रमेश मालीवाड़ के घर की छतें उड़ा दीं, जिससे उनके घर के अंदर पानी भर गया। रमेश मालीवाड़ ने बताया कि घर के अंदर रखी सोयाबीन की फसल पूरी तरह से गीली होकर खराब हो गई है। साथ ही, घर की छतें भी क्षतिग्रस्त हो गईं और छत उड़ने के कारण घर के ऊपर खुला आसमान नजर आ रहा है। रमेश मालीवाड़ के अनुसार, घर के ऊपर छत नहीं होने से अब उनके पास कोई आश्रय नहीं बचा है और उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
शमशान घाट पर बने तीन सेट भी तेज हवाओं के कारण उड़ गए। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई दुर्घटना नहीं हुई और किसी के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। क्षेत्र के निवासियों ने बताया कि इतनी तेज हवाएं और भारी बारिश पहली बार देखी गई है।
पीड़ित पारु बाई ने बताया कि तेज हवा और बारिश के कारण उनके घर की छत उड़ गई और पूरा पानी घर के अंदर भर गया। उन्होंने कहा, “घर तहस-नहस हो गया है और अब हमारे पास कोई आश्रय नहीं बचा है।” इस घटना से प्रभावित लोगों को प्रशासन से सहायता की अपेक्षा है।
नालछा क्षेत्र के निवासियों ने प्रशासन से तुरंत राहत कार्यों की मांग की है ताकि प्रभावित लोगों को जल्दी से जल्दी सहायता मिल सके। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि वे प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेंगे और नुकसान का आकलन करने के बाद राहत कार्यों की शुरुआत करेंगे।
इस घटना ने नालछा क्षेत्र के निवासियों को गहरी चिंता में डाल दिया है और अब वे बारिश और तेज हवाओं के अगले दौर से बचने के उपाय खोज रहे हैं। क्षेत्र के निवासियों को सलाह दी गई है कि वे सुरक्षित स्थानों पर जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।