Hisar में किसानों का बड़ा ऐलान: धरना जारी रहेगा, 20 जून को महापंचायत में होगा अंतिम निर्णय

Hisar में किसानों ने आज फिर से बड़ा ऐलान कर दिया है। मिनी सेक्ट्रिएट के सामने मुआवजे और अन्य मांगों को लेकर किसान पिछले 163 दिनों से धरने पर बैठे हैं इस धरने को जारी रखने या समाप्त करने के मुद्दे पर आज संयुक्त किसान मोर्चा ने हिसार के किसान विश्राम गृह में बैठक का आयोजन किया।

लंबी चर्चा के बाद किसानों ने धरने को 20 जून तक जारी रखने का फैसला लिया है। संयुक्त किसान मोर्चा जल्द ही डीसी से मिलकर अब तक की पेंडिंग मांगों की समीक्षा करेगा और आगे की रणनीति तय करेगा। 20 जून को हिसार में महापंचायत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आगे क्या कदम उठाना है, यह निर्णय लिया जाएगा।

बैठक में विभिन्न किसान संगठनों ने अपनी बात रखी और तमाम मुद्दों पर जमकर चर्चा की। हालांकि, अधिकांश किसान धरने को स्थगित करने के समर्थन में थे, लेकिन यह निर्णय लिया

गया कि पहले डीसी से मिलकर यह जानने की आवश्यकता है कि कितनी मांगें और कितने गांवों के किसानों का मुआवजा अभी बाकी है। इसके बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा।

संयुक्त किसान मोर्चा ने 20 जून को हिसार में महापंचायत आयोजित करने का फैसला किया है। इस महापंचायत में धरने को जारी रखने या समाप्त करने के बारे में अंतिम निर्णय लिया जाएगा और आगे की रणनीति तय की जाएगी।

शमशेर सिंह नम्बरदार, संयुक्त किसान मोर्चा: “हमने आज की बैठक में सभी मुद्दों पर गहन चर्चा की है और निर्णय लिया है कि पहले डीसी से मिलकर लंबित मांगों की समीक्षा करेंगे। उसके बाद ही आगे की रणनीति पर विचार करेंगे।”

दिलबाग सिंह हुड्डा, संयुक्त किसान मोर्चा: “धरना अभी 20 जून तक जारी रहेगा। महापंचायत में ही आगे का फैसला लिया जाएगा। हम अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं और उनका समाधान चाहते हैं।”

सदानंद, संयुक्त किसान मोर्चा: “हमने किसानों के हितों के लिए लड़ाई जारी रखी है और आगे भी जारी रखेंगे। महापंचायत में सभी किसानों के साथ मिलकर निर्णय लेंगे।”

लोकसभा चुनाव तो हो चुके हैं, लेकिन आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर किसान एक बार फिर से राजनेताओं के सामने जा सकते हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने स्पष्ट किया कि वे सवाल पूछने का सिलसिला जारी रखेंगे। बीजेपी और जेजेपी ने किसानों के साथ जो रवैया अपनाया था, उस पर विधानसभा चुनाव में भी किसान सवाल उठाएंगे।

रणवीर सिंह मलिक: “हमने स्पष्ट कर दिया है कि हम किसानों के मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करेंगे। विधानसभा चुनाव में भी हम अपने सवालों के साथ राजनेताओं के सामने जाएंगे।”

Exit mobile version