Israel Hamas War: हमास चीफ Ismail Haniyeh कैसे बना इजराइल का दुश्मन नंबर एक?

हमास के पॉलिटिकल ब्यूरो चीफ Ismail Haniyeh की हत्या हो गई है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के मुताबिक, इस्माइल हानिया और उनके एक बॉडी गार्ड की तेहरान में हत्या कर दी गई है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रवक्ता ने बताया कि तेहरान में एक विस्फोट में हानिया की मौत हो गई, जिसमें उनके साथ एक ईरानी सुरक्षाकर्मी की भी जान चली गई।

इस्माइल हानिया इजराइल के मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल थे और उन पर कई बार जानलेवा हमले हो चुके थे। इस बार हानिया ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए तेहरान गए थे। उनकी हत्या का आरोप इजराइल पर लगाया जा रहा है।

कौन थे इस्माइल हानिया?

गाजा में हमास संगठन के पॉलिटिकल ब्यूरो चीफ इस्माइल हानिया गाजा युद्ध विराम वार्ता में मुख्य रणनीतिकार रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजराइल को कई बार गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया था। जानकार मानते हैं कि हानिया ने हमास के लिए विदेशी मदद लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे अब कतर में रह रहे थे।

यहां हमारे व्हाट्सएप चैनल से जुड़ें

हमास चीफ इस्माइल हानिया कैसे बना इजराइल का दुश्मन नंबर एक?


1997 में हानिया को हमास का चीफ बनाया गया था, जिसके बाद से उनका हमास और फिलिस्तीन में प्रभाव बढ़ता गया। हमास ने 2006 के फिलिस्तीनी चुनावों में जीत हासिल की और हानिया को फिलिस्तीन का प्रधानमंत्री बनाया गया था। हालांकि, 2007 में फिलिस्तीनी अथॉरिटी के अध्यक्ष महमूद अब्बास ने हानिया को उनके पद से बर्खास्त कर दिया, लेकिन हानिया ने अब्बास के आदेश को स्वीकार नहीं किया और गाजा में प्रधानमंत्री बने रहे।

यहां हमारे ट्विटर से जुड़ें

2017 में, हानिया को पॉलिटिकल ब्यूरो चीफ चुना गया और गाजा में हमास चीफ की जगह याहया सिनवार ने ली। इसके बाद हानिया कतर चले गए। बता दें कि हमास का इंटरनेशनल ऑफिस भी कतर की राजधानी दोहा में है।

और पढ़ें

Scroll to Top