Varanasi News: बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष का निर्देश, स्कूलों के 100 मीटर के दायरे में नहीं बिके नशे

Varanasi News: राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा ने मंगलवार को वाराणसी के सर्किट हाउस में मंडल की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने सभी से बच्चों के मुद्दे पर संवेदनशील होने की अपेक्षा की। डॉ. शर्मा ने इस बैठक में विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की और समाज में फैली कुप्रथाओं, जैसे कि नशा, बाल विवाह, बाल श्रम, बाल भिक्षाटन, और बाल यौन शोषण, पर जोर देते हुए इन समस्याओं के निराकरण के लिए सघन कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने विशेष रूप से बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। डॉ. शर्मा ने कहा कि समाज में बच्चों के भविष्य को सुरक्षित और सुदृढ़ बनाने के लिए हमें मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार और उनके अधिकारों के हनन को रोकने के लिए सख्त कानूनों और गाइडलाइन्स का पालन किया जाना चाहिए।

Varanasi News: बैठक के दौरान, डॉ. शर्मा ने पूर्व में जारी गाइडलाइन का हवाला देते हुए बताया कि विद्यालय के 100 मीटर के दायरे में पान, बीड़ी, सिगरेट, गुटखा आदि की कोई दुकानें नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस दिशा में सख्ती से कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि बच्चों को इन हानिकारक पदार्थों से दूर रखा जा सके। डॉ. शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि इन गाइडलाइन्स का पालन न करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने समाज में बाल विवाह और बाल श्रम जैसी प्रथाओं को समाप्त करने के लिए समुदाय के सभी सदस्यों से सहयोग की अपील की। डॉ. शर्मा ने बताया कि बाल विवाह और बाल श्रम बच्चों के विकास और उनके भविष्य के लिए हानिकारक हैं और इन्हें रोकने के लिए समाज के हर व्यक्ति को जागरूक होना चाहिए।

Varanasi News: डॉ. शर्मा ने बाल भिक्षाटन और बाल यौन शोषण के मामलों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की और कहा कि बच्चों को इन अपराधों से बचाने के लिए समाज के हर स्तर पर सख्त कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं का समाधान तभी संभव है जब सभी नागरिक एकजुट होकर काम करें और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करें।

Varanasi News: अंत में, डॉ. शर्मा ने सभी अधिकारियों से अपील की कि वे बच्चों के मुद्दों पर संवेदनशील रहें और उनकी सुरक्षा के लिए सभी संभव कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि समाज के हर हिस्से में बच्चों के अधिकारों का सम्मान होना चाहिए और उनके भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए।

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